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बर्थडे स्पेशल: शक्तिमान से लेकर भीष्म पितामह जैसे किरदार निभाने वाले मुकेश खन्ना ने खुद बयां की संघर्ष की कहानी

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बी. आर. चोपड़ा की महाभारत में भीष्म पितामह का और शक्तिमान में शक्तिमान का किरदार निभाने वाले मुकेश खन्ना को कोई नहीं भूल सकता. मुकेश खन्ना 23 जून को अपना 62वां जन्मदिन मनाने वाले हैं. जन्मदिन से पहले उन्होंने अपनी जिंदगी के संघर्षों के बारे में बात की. मुकेश खन्ना ने महज 30 साल की उम्र में भीष्म पितामह का किरदार निभाया था और उन्होंने उस किरदार को जीवंत कर दिया. लॉकडाउन में महाभारत और शक्तिमान का दोबारा से टीवी पर प्रसारण हुआ जिसकी वजह से मुकेश खन्ना फिर से सुर्खियों में आ गए.

मुकेश खन्ना ने तीन दशक से ज्यादा समय तक फिल्मों और छोटे पर्दे पर अभिनय किया. वह अपनी एक्टिंग के सफर को तीन हिस्सों में बांटते हैं. मुकेश खन्ना ने कहा- मेरे करियर की तीन इनिंग रही. महाभारत से पहले, महाभारत के दौरान और फिर शक्तिमान. महाभारत से पहले मैंने जो काम किया, उससे मुझे कुछ खास पहचान नहीं मिली. मैं 2 साल पूरी तरह घर पर रहा. फिर महाभारत में मुझे भीष्म का किरदार निभाने का मौका मिला. इस किरदार से मुझे काफी लोकप्रियता मिली.

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२१ जून २०२०।आज के इस वर्ल्ड योग दिवस की आप सभी को ढेर सारी शुभकामनाएँ।इस लॉक्डाउन के समय में घर पर ही योग करके इस वर्ल्ड योग दिवस को सफल बनाइए! योग शारीरिक, मानसिक और आत्मिक उन्नति का नाम है। शरीर के साथ-साथ मन और आत्मा की उन्नति के लिये भी प्रयास करें। महर्षि पतंजलि जी ने बताया,योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः।। इस का अर्थ है – मन में उठने वाले सांसारिक विचारों को रोक देना और ईश्वर का ध्यान चिंतन मनन करना योग है। योग विद्या से मानसिक विकास किया जाता है।अविद्या, राग, द्वेष, काम, क्रोध, लोभ, मोह, अभिमान इत्यादि मानसिक रोगों की चिकित्सा की जाती है, आत्मा-परमात्मा का साक्षात्कार किया जाता है। योग का अंतिम उद्देश्य है, संसार में भटकते हुए लाखों जन्मों तक दुख भोगते हुए आत्मा को सब दुखों से छुड़ाकर बहुत लंबे समय तक पूर्ण आनंद की प्राप्ति कराना, अर्थात् मोक्ष प्राप्ति कराना। इस भाव से इस योग विद्या को सीखना चाहिए। यदि संसार के लोग महर्षि पतंजलि जी के बताए अष्टांग योग को ठीक प्रकार से उन्हीं की बनाई योगदर्शन नामक पुस्तक से पढ़ें समझें और आचरण में लाएं, तो चिंता तनाव क्रोध ईर्ष्या जलन राग द्वेष अभिमान आदि समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। आत्महत्याओं को भी रोका जा सकता है। ऐसी उत्तम विद्या का नाम योग है। इसलिए आइए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर महर्षि पतंजलि जी के बनाए योग दर्शन का अध्ययन करने का संकल्प लें और उसके अनुसार आचरण करें। शक्तिमान बनें। BE SHAKTIMAAN.

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मुकेश खन्ना ने शक्तिमान से जुड़ी यादों को याद करते हुए कहा- एक पूरी पीढ़ी शक्तिमान देखते हुए बड़ी हुई है. लॉकाउन के चलते नई पीढ़ी को भी उस रोमांच और उसके साथ छिपे आदर्शों से रूबरू होने का मौका मिला. जैसे तब बच्चों को छोटी-छोटी सीखें देने की जरूरत थी, आज की पीढ़ी के सामने भी उन्हें दोहराने की जरूरत है.

मुकेश खन्ना ने यह भी कहा कि हमारी कॉमिक्स का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है, क्योंकि शक्तिमान पहला ऐसा शो था जिस पर कॉमिक्स आई थी. हालांकि प्रकाशकों के आपसी विवाद के चलते मैंने इसे आधिकारिक तौर पर बंद करवा दिया था. मुकेश खन्ना ने यह भी बताया कि फिलहाल शक्तिमान के 3D एनीमेशन शोपर काम जारी है और शक्तिमान-2 को लेकर भी बातचीत चल रही है.

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