18 जनवरी को अस्त हो रहे हैं बुद्धि और व्यापार के दाता बुध देव, इन 5 राशि वालों को रहना होगा सावधान

वैदिक ज्योतिष अनुसार ग्रहों का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। वहीं जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन या अस्त होता है तो किसी के लिए यह शुभ रहता है तो किसी के लिए अशुभ। आपको बता दें कि बुध ग्रह 18 जनवरी को अस्त हो रहे हैं।

बुध का अस्त होना कई राशि के जातकों के लिए अशुभ साबित होगा, तो कई जातकों के शुभ प्रभाव में कई आएगी। जिससे उन लोगों का जीवन कई तरह से प्रभावित होगा और जीवन में कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं। आइए जानते हैं ये 5 राशियां कौन सी हैं.

आपको बात दें कि बुध ग्रह मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं। साथ ही कन्या इसकी उच्च की राशि है जबकि मीन इसकी नीच राशि मानी जाती है। 27 नक्षत्रों में बुध को अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती नक्षत्र का स्वामित्व प्राप्त है। वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, व्यापार, तर्क, संवाद, गणित, चतुरता और मित्र का कारक माना गया है।

बुध के अस्त होने से वृष, कर्क, तुला, मकर और कुंभ राशि वाले लोगों के लिए समय ठीक नहीं रहेगा। इन 5 राशियों के लोगों के कामकाज में रुकावटें आ सकती है। धन हानि और खर्चा बढ़ने के भी योग बन रहे हैं। व्यापार में कम लाभ हो सकता है। सर्दी, जुखाम हो सकता है। इनके अलावा मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, वृश्चिक, धनु और मीन राशि वाले लोगों पर इस ग्रह के अस्त होने का अशुभ असर नहीं रहेगा। इन लोगों को धनलाभ हो सकता है।

  • जिन लोगों का बुध कुंडली में कमजोर है, उनको सोना, पन्ना और फूल दान करना चाहिए। य​ह सबके लिए संभव नहीं है। ऐसे में आप नीला कपड़ा, मूंग, कांस्य से बनी वस्तुएं, फल आदि का दान कर सकते हैं।
  • बुध को मजबूत करने के लिए आप पन्ना रत्न धारण कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आप किसी योग्य ज्योतिषाचार्य की मदद लें।
  • जो लोग पन्ना नहीं धारण कर सकते हैं, वे लोग बुध ग्रह के उपरत्न मरगज या जबरजंद भी पहने सकते हैं।
  • बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए सबसे आसान उपाय है गाय को हरा चारा डालना, दिन में हरी इलायची का सेवन करना, घर में हरे पेड़-पौधे लगाना, ऐसा करके भी आप बुध ग्रह को मजबूत कर सकते हैं।

यदि जन्म कुंडली में बुध नकारात्मक हो तो जातक को शारीरिक और मानसिक रूप से समस्या हो सकती है। इस स्थिति में जातक अपने विचारों को सही रूप में बोलकर पेश नहीं कर पाता है। साथ ही वह गणित विषय में कमज़ोर होता है और उसे गणना करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। पीड़ित बुध जातक को दिमागी रूप से कमज़ोर बनाता है। उसे चीज़ों को समझने में दिक्कत होती है। पीड़ित बुध के प्रभाव से व्यक्ति को क़ारोबार में हानि होती है। व्यक्ति के जीवन में दरिद्रता आती है।

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