किसी की मौत हो जाए तो उसके वोटर कार्ड, PAN, आधार समेत बाकी कागजातों का क्या करें?

जीवन और मरण, जिंदगी के 2 ऐसे कड़वे सच हैं, जिनसे हर किसी को होकर गुजरना पड़ता है. ऐसे में कोई चाहकर भी मौत से बच नहीं सकता.

हालांकि बहुत कम लोगों को ये पता होगा कि अगर किसी व्यक्ति की मौत हो जाए तो उसके वोटर आई कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे सरकारी कागजों का क्या करना चाहिए.

आज हम आप बताते हैं कि अगर किसी परिवार के साथ ऐसी ट्रेजडी हो जाए तो उसे किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए. ये अलर्टनेस न बरतने पर ठग और धोखेबाज उनका दुरुपयोग भी कर सकते हैं.

संभालकर रखें पासपोर्ट

पासपोर्ट (Passport) एक्ट के तहत जब कोई पासपोर्ट एक बार बन जाता तो उसे धारक की मृत्यु पर रद्द नहीं करवाया जा सकता. जब उसकी समय सीमा खत्म हो जाती है तो वह अपने आप अमान्य हो जाता है. ऐसे में कोई ठग उस पासपोर्ट का मिसयूज न कर ले, इससे बचने के लिए धारक की मौत होने के बाद पासपोर्ट को सुरक्षित तरीके से अपने पास रख लेना चाहिए.

रद्द करवा दें वोटर आईडी कार्ड

मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 (Registration of Electors Rules, 1960) के तहत वोटर की मृत्यु होने पर उसके वोटर आईडी कार्ड (Voter ID card) को रद्द करवा देना चाहिए. ऐसा करने से उसके मिसयूज होने की आशंका खत्म हो जाती है. इसके लिए मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी को स्थानीय चुनाव कार्यालय में फॉर्म नंबर 7 भरकर देना होता है. इस फार्म के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र की फोटो प्रति भी लगानी पड़ती है.

ड्राइविंग लाइसेंस को करवाएं रद्द

मृतक के ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) पर हर राज्य में अलग-अलग नियम हैं. अगर लाइसेंस धारक की मौत हो जाती है तो उत्तराधिकारी स्थानीय RTO ऑफिस जाकर ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करवाने के लिए आवेदन दे सकते हैं. वहां पर प्रक्रिया के बाद लाइसेंस को कैंसल कर दिया जाता है.

सरेंडर कर दें मृतक का पैन कार्ड

पैन कार्ड (PAN card) सबसे जरूरी दस्तावेजों में से एक है. इसके बिना आप अपने बैंक खातों और डीमैट खातों का संचालन नहीं कर सकते और न ही आयकर रिटर्न (ITR) भर सकते हैं. ऐसे में धारक की मृत्यु होने पर सबसे पहले उनसे जुड़े सभी खाते बंद करवाएं. उसके बाद आयकर विभाग में आवेदन देकर धारक के पैन कार्ड को सरेंडर कर दें.

लॉक करवा दें आधार कार्ड

पहचान से जुड़े कागजों में आधार कार्ड (Aadhaar card) सबसे महत्वपूर्ण है. पेंशन, स्कॉलरशिप, एलपीजी सब्सिडी समेत तमाम योजनाएं आधार नंबर से जुड़ी होती हैं. ऐसे में धारक की मौत होने पर परिवार के लोग mAadhaar ऐप या यूआईडीएआई की वेबसाइट के जरिए मृत व्यक्ति के बायोमेट्रिक क्रेडेंशियल को लॉक करवा सकते हैं.

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