पटना मेट्रो के लिए राज्य सरकार 500 करोड़ की स्वीकृति दे दी है, जानिए किन पाँच मेट्रो स्टेशन का काम चल रहा है .

पटना मेट्रो के जमीन अधिग्रहण का काम अब और तेज होगा। इसके लिए राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपये स्वीकृत कर खर्च की अनुमति भी दे दी है। पटना मेट्रो के डिपो के लिए करीब 76 एकड़ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी चल रही है। इसमें 50.59 एकड़ जमीन पहाड़ी जबकि 25.35 एकड़ जमीन रानीपुर मौजा की है। जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। फिलहाल किसानों से दावा-आपत्ति ली जा रही है। जमीन अधिग्रहण का काम जिला प्रशासन के स्तर से होना है। सूत्रों के अनुसार, जमीन अधिग्रहण में करीब 726 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। मेट्रो के भू-अर्जन के लिए राज्य सरकार के स्तर से ही राशि वहन की जानी है, जिसके लिए फिलहाल 500 करोड़ रुपये भू-अर्जन मद में दिए गए हैं।

जनवरी से मुआवजा राशि का वितरण

जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, किसानों से दावा-आपत्ति लेने के बाद अगले साल जनवरी से मुआवजा वितरण का काम शुरू होने की उम्मीद है। यह काम होते ही 76 एकड़ जमीन पटना मेट्रो को हस्तांतरित हो जाएगी। जमीन का हस्तांतरण होने के बाद पटना मेट्रो के पास खुद का एसेट होगा जिसके आधार पर वित्तीय संस्थाओं से ऋण मिलने का रास्ता साफ होगा।

सरकारी जमीन भी होगी हस्तांतरित

पटना मेट्रो के स्टेशनों के निर्माण के लिए सरकारी जमीन का भी हस्तांतरण होना है। इसके लिए कई सरकारी व निजी जमीन को चिह्नित किया गया है। इसमें से कई जमीन संस्थाओं के पास है, जिनके साथ बैठक कर अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जा रहा है। इसके लिए अलग से राशि खर्च की जाएगी।

अभी पांच मेट्रो स्टेशनों का चल रहा काम

पटना मेट्रो का काम अभी कंकड़बाग के मलाही पकड़ी से पाटलिपुत्र आइएसबीटी तक 6.6 किलोमीटर एलिवेटेड रूट पर चल रहा है। इस रूट में मेट्रो के पांच स्टेशन मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरो माइल और आइएसबीटी होंगे। अभी पिलर ढलाई का काम चल रहा है। इस रूट पर दिसंबर 2022 तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद विद्युतीकरण समेत अन्य काम किए जाएंगे।

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