शिवदीप लांडे को बनाया गया बिहार में DIG प्रशासन, नीतीश सरकार का आदेश जारी

शिवदीप लांडे को बनाया गया डीआईजी प्रशासन : केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे को डीआईजी (प्रशासन) की जिम्मेवारी सौंपी गई है। पुलिस मुख्यालय ने प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है।

उन्होंने बुधवार को पुलिस मुख्यालय में योगदान दिया था। पदस्थापना की प्रतीक्षा में रहे शिवदीप लांडे को डीआईजी (प्रशासन) के पद पर प्रतिनियुक्त किया गया है। आईजी (मुख्यालय) ने उनकी प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी कर दिया गया है। 2006 बैच के आईपीएस शिवदीप लांडे हाल ही में महाराष्ट्र से बिहार लौटे हैं।

शिवदीप लांडे पटना (Patna) में सिटी एसपी रहने के अलावा अररिया और रोहतास में भी पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं. वे बिहार के राज्यपाल के एडीसी के पद पर भी रहे थे. बिहार कैडर के आईपीएस शिवदीप वामनराव लांडे 2006 बैच के आईपीएस अफसर हैं. इनकी पहली पोस्टिंग बिहार के मुंगेर जिले के नक्सल प्रभावित इलाके जमालपुर में हुई थी. बिहार की राजधानी पटना के एसपी के तौर पर अपनी अनोखी कार्यशैली की वजह से शिवदीप पूरे देश में मशहूर हो गए. अपराधियों की शामत लाने वाले इस वर्दीधारी को बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है. पटना समेत बिहार के अन्य जिलों में रहते हुए उसके कारनामे बड़े मशहूर हुए. लगभग दस महीने की सेवा में ही उन्होंने नकली कॉस्मेटिक उत्पाद विक्रेताओं सहित बड़े-बड़े दवा-माफियाओं के कारनामे उजागर किए.

सहरसा में डॉक्टरों को दहशत से दिलाई निजात : इससे पहले सहरसा जिले में डॉक्टरों के लिए आतंक बन चुके संतोष यादव को शिवदीप लांडे के नेतृत्व वाले एसटीएफ ने धर दबोचा था और यह उनकी बड़ी उपलब्धियों में से एक है. कभी वे दुपट्टा ओढ़ कर आरोपी को पकड़ लेते तो कभी बिना हेलमेट बाइक चला रहे लोगों की मोटरसाइकिल के सामने निडरता से खड़े हो जाते. बिना लाइसेंस दारू की दुकानें चला रहे दुकानदारों की धर-पकड़ और ऐसे कितने ही बड़े कारनामों को अंजाम देने की वजह से ही आईपीएस अफसर शिवदीप लांडे की गिनती सुपरकॉप के तौर पर होती है.

पटना में लांडे ने लड़कियों को बांटे पर्सनल नंबर : कहा जाता है कि बिहार की राजधानी पटना में जब शिवदीप लांडे की पोस्टिंग हुई तो वो अपराधियों और गैरकानूनी काम करने वालों पर कहर बनकर टूटे. विशेषकर सड़क छाप लफंगों पर इनकी सख्ती ने कॉलेज और स्कूल की लड़कियों के बीच इनकी छवि हीरो की बन गई थी. मनचलों को सबक सिखाने और लड़कियों को मदद के लिए किसी भी समय उपलब्ध रहने के लिए उन्होंने अपना निजी मोबाइल नंबर लड़कियों के बीच बांट दिया था. शिवदीप लांडे द्वारा नंबर बांटने का परिणाम यह हुआ था कि राजधानी की सड़कों से मनचलों का धीरे-धीरे सफाया हो गया था. दरअसल एक शिकायत पर शिवदीप लांडे खुद मनचलों को सबक सिखाने पहुंच जाया करते थे.

रोहतास में खनन माफियाओं पर कहर बनकर टूटे : शिवदीप लांडे जब बिहार के रोहतास (सासाराम) में वो पुलिस कप्तान की भूमिका में थे तब अवैध खनन माफियों से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई. माइनिंग माफियाओं पर कार्रवाई करने के लिए शिवदीप लांडे अवैध खनन की मशीनें जब्त करने निकले थे. अचानक अपराधियों ने उनपर फायरिंग कर दी. बहादुर आईपीएस अफसर ने अपनी जान की परवाह किए बिना डटकर माफियाओं का सामना किया. कहा जाता है कि करीब 30 राउंड फायरिंग उस दौरान हुई थी. बाद में शिवदीप ने खुद जेसीबी मशीन संभाली और अवैध खनन के सारे जुगाड़ को तहस-नहस कर दिया. इस दौरान 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

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