एक साल में कई बार ग्रहण लगता है, जिस दिन आकाश में सूर्य ग्रहण लगता है आकाश का नजारा अनोखा ही होता है. आजकल की तकनीक बहुत ज्यादा आगे बढ़ चुकी है और सूर्य ग्रहण को देखने वाले ग्लासेज आसानी से मिल जाते हैं, जिससे लोगों की आंखों पर बुरा असर नहीं पड़ता. लेकिन एक समय ऐसा था जब भारत में यह सब चीजें आसानी से नहीं मिलती थी. तब सरकार ने लोगों को सूर्य ग्रहण देखने से रोकने के लिए बहुत ही अलग तरीका अपनाया था.

16 फरवरी 1980 को देश में ऐसा ही एक दुर्लभ सूर्य ग्रहण लगा था, जिसे देखने के लिए पूरे देशवासी परेशान थे. लेकिन लोगों को यह नहीं पता था कि इसको देखने से नुकसान हो सकता है. सरकार यह बात जानती थी और इस सब को रोकना चाहती थी. उस समय लोगों में फिल्मों का बहुत क्रेज था. तब घरों की टीवी पर केवल दूरदर्शन आता था.
दूरदर्शन पर केवल गिनी चुनी फिल्में ही आती थी. सरकार ने लोगों को सूर्य ग्रहण देखने से रोकने के लिए सिनेमा का ही सहारा लिया. सरकार ने सूर्य ग्रहण के समय अमिताभ धर्मेंद्र की मशहूर फिल्म चुपके चुपके को पूरे दिन टेलीकास्ट करवाया. जब फिल्म टीवी पर आई तो लोग सूर्य ग्रहण को भूल गए और टीवी से चिपक गए. यह फिल्म 1978 में रिलीज हुई थी, जिसका निर्देशन ऋषिकेश मुखर्जी द्वारा किया गया था. इस फिल्म में धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन, शर्मिला टैगोर और जया बच्चन मुख्य भूमिका में थे.