निराश होकर मुंबई से वापस अपने गांव लौटना चाहता था ये अभिनेता, लेकिन खत की एक लाइन से बदल गई जिंदगी, आज है बहुत मशहूर

बॉलीवुड सिनेमा में हर साल ना जाने कितनी कलाकार अपनी किस्मत आजमाने आते हैं, लेकिन इनमें से कुछ ही सफल हो पाते हैं. लेकिन आज हम आपको उस अभिनेता के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि निराश होकर मुंबई से वापस अपने गांव लौट जाना चाहता था. लेकिन खत की एक लाइन से इस अभिनेता की जिंदगी बदल गई.

हम बात कर रही हैं बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता अनुपम खेर की. अनुपम खेर का फिल्मी करियर मुश्किलों भरा रहा. वे अब तक लगभग 500 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं. मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जाता है कि 1982 में अनुपम खेर की पहली फिल्म ‘आगमन’ रिलीज हुई थी. हालांकि एक इंटरव्यू में अनुपम खेर ने कुछ बताया था कि उनकी पहली फिल्म 1984 में आई थी, जो कि सारांश थी. 28 साल की उम्र में फिल्म सारांश में 65 साल के व्यक्ति का किरदार निभाया था.

एक बार अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था. इस पोस्ट को शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि बहुत साल पहले जब मैं मुंबई की सड़कों पर काम ढूंढ रहा था और मुझे काम नहीं मिल रहा था, तो मैं बहुत हताश और मायूस हो जाता था. ऐसे में मैं अपने दादाजी को खत लिखकर सभी बातें शेयर करता था.

इस दौरान अभिनेता ने बताया- एक दिन मैं काफी निराश होकर वापस गांव लौटने की सोच रहा था. यह बात मैंने दादा जी को खत लिखकर बताई. जवाब में दादाजी ने लिखा- बेटा तुमने बहुत मेहनत की है, रुक जा क्योंकि भीगा हुआ आदमी बारिश से नहीं डरता. अभिनेता ने बताया- दादाजी की उस लाइन से मेरा जीवन बदल गया और सफलता का रास्ता दिखाया. आज भी मैं उनकी उस लाइन को याद रखता हूं.

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